Five best destination in Mansoon Season

भारत की रियल नेचुरल ब्यूटी को मानसून में ही देखा जा सकता है। हिमाचल प्रदेश के परवाणु से लेकर उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट और कर्नाटक के कुर्ग तक, ऐसी कई जगहें हैं जो इस मौसम में आपका बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकती हैं।

कुर्ग, कर्नाटक

रोज की भागदौड़ वाली जिंदगी से दूर ताजा हवा में कुछ समय बिताना चाहते हैं तो कुर्ग जाने का प्लान बनाएं। मैसूर से 100 किमी की दूरी पर स्थित इस हिल स्टेशन पर नेचर की खूबसूरती को देखकर काफी सुकून मिलेगा। इंडिया के स्कॉटलैंड के नाम से मशहूर ये जगह हनीमून डेस्टिनेशन के लिए खासतौर से जानी जाती है। इंडिया में कॉफी की खेती सबसे पहले कुर्ग से ही शुरू हुई थी। यहां एशिया में सबसे ज्यादा कॉफी का प्रोडक्शन होता है। केरल में मुन्नार से लेकर कुर्ग तक का रास्ता सबसे खूबसूरत राइडिंग रास्तों में से एक है। कुर्ग में तिब्बतियों की सबसे बड़ी बस्ती बायलाकुपे में है। नामद्रोलिंग मॉनेस्ट्री में 40 फीट ऊंची बुद्ध की मूर्ति है।
Coorg
प्लानिंग- जून से अगस्त तक यहां भारी बारिश होती है। जुलाई से सितंबर तक यहां के झरनों की खूबसूरती के मजे लिए जा सकते हैं। मई में मौसम सुहाना रहता है, तो वहीं अप्रैल में कॉफी की खूशबू पूरे इलाके में फैले रहती है।

परवाणु, हिमाचल प्रदेश

शिवालिक की पहाड़ियों में बसा परवाणु चंडीगढ़ से ज्यादा दूर नहीं, लेकिन शहर की भागमभाग वाली जिंदगी से जरूर दूर है। कम दिनों में किसी खूबसूरत जगह को घूमने का प्लान कर रहे हैं तो ये जगह बेस्ट है। सोलन जिले में शिमला मार्ग पर स्थित इस जगह तक पहुंचने के लिए आपको चंड़ीगढ़ से महज 35 किलोमीटर सफर करना होगा। इसके खूबसूरत रास्तों पर लॉन्ग ड्राइव का असली मजा लिया जा सकता है। इसे हिमालयन एक्सप्रेस वे भी कहा जाता है। पाइन और ओक के जंगल इसकी खूबसूरती को बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं।
परवाणु, हिमाचल प्रदेश
प्लानिंग- मानसून बेस्ट है पहाड़ों की असली खूबसूरती देखने के लिए। मई से लेकर अक्टूबर तक यहां का मौसम बेहतरीन होता है।

दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

अगर आपको लगता है कि दार्जिलिंग सिर्फ गर्मी के मौसम में घूमने की जगह है, तो बरसात में यहां आकर आपकी ये सोच हमेशा के लिए बदल जाएगी। दार्जिलिंग में साल के 126 दिन बारिश होती है। इस मौसम में यहां चाय के दूर तक फैले बागान और ट्वॉय ट्रेन से यात्रा करने का लुत्फ उठा सकेंगे।

Darjeeling
प्लानिंग- मानसून में यहां का नजारा देखने लायक होता है। हरे-भरे जंगलों की खूबसूरती उभर कर सामने आती है। वैसे, लोग अप्रैल से जून तक यहां घूमना पसंद करते हैं। अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक यहां काफी संख्या में कपल्स आते हैं।

शिलांग, मेघालय

यहां की छोटी-सी सड़क के हर मोड़ से कोई न कोई दर्शनीय स्थान जैसे शिलांग पीक और कैलांग रॉक देखने को मिलता है। बारिश के मौसम में यहां के झरनों से पानी की गिरती धार को देखना अनूठा अनुभव होता है। हरे-भरे जंगलों के बीच चट्टानों से पानी का गिरना यहां की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है। समुद्र तल से तकरीबन 1695 मीटर की ऊंचाई पर बसा है शिलांग। यहां का मौसम हमेशा सुहाना होने के कारण इसे ईस्ट इंडिया का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है।

shillong
प्लानिंग- मानसून में पहाड़ों और जंगलों का सीन किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लगता। मानसून में यहां होटलों का किराया भी काफी कम हो जाता है।

मालशेज घाट, महाराष्ट्र

मुंबई से 154 किमी दूरी पर पहाड़ों से घिरे मालशेज घाट की हरियाली और झरनों की सुंदरता अगस्त-सितंबर में शबाब पर होती है। इस समय यहां सैकड़ों अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे देखे जा सकते हैं। मानसून में प्रवासी पक्षी फ्लेमिंगो भी अपना डेरा यहां डालते हैं।

Malshej Ghat
प्लानिंग- मानसून बेस्ट है यहां के खूबसूरत नजारों को देखने के लिए।

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