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Mullayanagiri - Favorite destination for Monsoon Lover

कर्नाटक में मानसून का जो मजा है, वो साउथ की किसी भी दूसरी जगह पर नहीं। यहां चारों तरफ छाई हरियाली और भरपूर बारिश के कारण मौसम सुहाना बना रहता है। यहां वेस्टर्न घाट की चंद्र द्रोण पर्वत श्रृंखला में कई सारी चोटियां हैं, जो एडवेंचर लवर्स को काफी अट्रैक्ट करती हैं। यहां की नेचुरल ब्यूटी गजब की है।

देखने लायक स्थान
कर्नाटक के वेस्टर्न घाट में मुल्लियान गिरि और बाबा बुदन गिरि पर्वत की चोटियां देखने लायक जगहें हैं। मुल्लियान गिरि कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी है। इस चोटी पर संत मुल्लपा स्वामी का मंदिर है। यही वजह है कि इसका नाम मुल्लियान गिरि पड़ा है। पहाड़ी की इस चोटी की ओर जाने वाले ट्रैक से चारों तरफ पर्वत चोटियों का अनोखा नजारा देखने को मिलता है। साथ ही, सन सेट देखने के लिए भी ये जगह खास है। बाबा बुदन गिरि पर्वत चोटी को ये नाम सूफी संत बाबा बुदन के नाम से मिला। ये जगह गदा तीर्थ के रूप में भी जानी जाती है, जहां अज्ञातवास के दौरान भीम ने मां को पानी देने के लिए अपनी गदा को विश्राम दिया था। इन चोटियों का सबसे बड़ा आकर्षण कुरुंजी नामक पौधा है। इस पौधे में 12 वर्ष में एक बार फूल खिलता है, जिसे देखने के लिए लोगों का जमघट लग जाता है।
यहां जरूर जाएं
हालांकि, वेस्टर्न घाट की ऊंची चोटियां सैलानियों की पसंदीदा जगह होती हैं, फिर भी यहां के दो खूबसूरत वाटर फॉल्स शिवान समुद्र और जोग फॉल्स को देखने जरूर जाएं। शिवान समुद्र वाटर फॉल कावेरी नदी पर है। पहाड़ से बहुत तेज आवाज के साथ पानी को नीचे गहराई में गिरते देखना एक अनोखा ही अनुभव होता है। लगता है, मानो बादलों से पानी की फुहार गिर रही है। जुलाई से सितंबर के बीच यहां का नजारा देखने लायक होता है। शारावती नदी पर स्थित जोग फॉल्स भारत का दूसरा सबसे ऊंचा (830 फीट) वाटर फॉल है। यात्रा को कुछ विस्तार देकर चिकमंगलूर, मैसूर और बेंगलुरु भी घूम सकते हैं। इन्हें सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए खास तौर से जाना जाता है।
क्या खरीदें?
भारत में खास तौर से कॉफी चिकमंगलूर के बाबा बुदन गिरि में ही होता है। यहां से आप फ्रेश कॉफी खरीद सकते हैं। आप यहां से स्थानीय मसाले और जैम-अचार-चटनी आदि खरीद सकते हैं। यहां से मैसूर के असली चंदन की लकड़ी व पाउडर खरीदना न भूलें। कर्नाटक की बिद्रिवेयर कला भी बिल्कुल अलग ही है। इसमें तांबे, जिंक के जेवर, बक्से और थाल पर नक्काशी करके उनमें सोने और चांदी से कलमकारी की जाती है। ये सभी चीजें प्रदेश को ऑथराइज्ड शॉप्स से सही मूल्य पर खरीदी जा सकती हैं, खास तौर पर चंदन।
कैसे पहुंचें?
मुल्लियान गिरि और बाबा बुदन गिरि चिकमंगलूर से 25 किलोमीटर और प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु से 250 किलोमीटर दूर हैं। इन दोनों जगहों के लिए बड़े शहरों से नियमित रूप से टैक्सी और बसें मिलती हैं। सबसे करीबी रेलवे स्टेशन चिकमंगलूर है। सबसे नजदीक एयरपोर्ट बेंगलुरु है। यहां ठहरने के लिए होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे और ईको कैम्प की सुविधा है।

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