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दीव - नीले आसमान के नीचे चांदी सी चमकती रेत, ऐसी खूबसूरत जगह है

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जब घूमने-फिरने की बात आती है तो हम हर समय कुछ नया देखना चाहते हैं, जहां का नेचर हमें अपने से बांध ले। गुजरात से सटा हुआ छोटा सा टापू दीव देश के खूबसूरत टूरिस्ट प्लेसेज में से एक है। करीब 38 किमी का यह टापू खूबसूरत नजारों से भरपूर है। साफ और शुद्ध हवा में कुछ दिन गुजारना चाहते हैं तो दीव आपका एक पसंदीदा ठिकाना हो सकता है। यहां प्राकृतिक सुंदरता इतनी है कि उसे देखते रहने और महसूस करने में ही लंबा वक्त बिताया जा सकता है। अपने रोचक इतिहास और शान्तिपूर्ण एनवायरमेंट के साथ दीव जिला अरब सागर से घिरे गुजरात के सौराष्ट्र (काठियावाड़) प्रायद्वीप के साउथ में स्थित है। दीव 1961 तक पुर्तगाली उपनिवेश था।
पहाड़ और समुद्र तट
दीव की असली खूबसूरती उसके पहाड़ और सुंदर बीच हैं। यहां का सबसे सुंदर बीच नगोआ बीच है। चक्रतीर्थ बीच सनसेट के लिए जाना जाता है। दो शाखाओं वाला ताड़, जगह-जगह खिले फूल इस पूरे टापू को अनूठे रंगों और खुशबुओं से भर देते हैं। यहां 1610 में बना सेंट पॉल चर्च भी देखने लायक है। खाड़ी के मुहाने पर ही विशाल पत्थर की शिलाओं से बने पानी कोट का किला है। किसी पानी के जहाज से लगने वाले इस दुर्ग में पानी के रास्ते (मोटरबोट) से ही जाया जा सकता है। दीव में गंगेश्वर और जलंधर मंदिर भी जाया जा सकता है। गंगेश्वर मंदिर में चट्टानों के बीच शिवलिंग स्थापित है। जलंधर बीच स्थित छोटी सी पहाड़ी पर बना देवी चंडिका मंदिर भी देखने लायक है।
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दीव का किला
यहां के देखने वाली जगहों में सबसे फेमस है दीव का किला। इसको खंभात (गुजरात) के राजा बहादुर शाह ने बनवाया था। तीन तरफ से अरब सागर से घिरा यह किला दिल्ली के लाल किले से सौ साल से अधिक पुराना है। किले की छत से टापू का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है। छत पर रखी कई तोपें आकर्षक लगती हैं। इनमें अष्टधातु की एक तोप अनूठी है। यह तोप मई-जून की तपती धूप में भी गर्म नहीं होती। किले में पुर्तगाली योद्धा डाम नूनो डी कुन्हा की कांस्यमूर्ति लगी हुई है।
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यहां भी जाएंं
दीव से 67 किलोमीटर दूर गिर के जंगल हैं। जहां एशियाई शेर पाए जाते हैं। इसके अलावा 90 किलोमीटर की दूरी पर सोमनाथ है। यह प्रसिद्ध ज्याेर्तिलिंग और समुद्र तट है।
क्या खरीदें
दीव में काजू खूब पैदा होता है, इसलिए यहां से काजू जरूर खरीदें। चमड़े और बांस की बनी चीजें भी यहां से ली जा सकती हैं। सीप की बनी कई आकर्षक वस्तुएं भी यहां मिलती हैं।
कब जाएं साल भर सुहाना मौसम रहता है। गर्मी में तापमान 25 से 36 और सर्दियों में 20 से 26 डिग्री तक रहता है। नवंबर से फरवरी सबसे बेहतर समय है।
कैसे जाएं
दीव में विमानतल है। यहां कई शहरों से फ्लाइट है। देलवाड़ा और वेरावल निकटतम रेलवे स्टेशन है, यहां से सड़क मार्ग से दीव जा सकते हैं।
भाषा
दीव में भाषा की कोई समस्या नहीं है। वहां गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी भाषाएं बोली जाती हैं। पुर्तगाली भाषा भी वहां प्रचलन में है।

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